VB-GRAMG Yojana 2026: मनरेगा की जगह लागू हुई नई रोजगार गारंटी योजना, अब 125 दिन मिलेगा काम और न्यूनतम ₹300 प्रतिदिन मजदूरी

VB-GRAMG Yojana 2026:ग्रामीण भारत में रोजगार और आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी योजना (VB-GRAMG) लागू कर दी है। यह नई योजना बुधवार से पूरे देश में प्रभावी हो गई है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के लिए नई मजदूरी दरें भी लागू कर दी गई हैं।
सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना, गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और राज्यों के बीच मजदूरी के अंतर को कम करना भी है। नई योजना के लागू होने के बाद अब देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में मजदूरों को 300 रुपये प्रतिदिन से कम मजदूरी नहीं मिलेगी।
इसके अलावा रोजगार की गारंटी भी बढ़ाकर 100 दिनों से 125 दिन कर दी गई है। यानी अब पात्र ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक दिनों तक काम और अधिक मजदूरी दोनों का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय बाजारों में खरीदारी क्षमता मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
VB-GRAMG योजना क्या है और इसे लागू करने का उद्देश्य क्या है?
विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी योजना (VB-GRAMG) केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार योजना है, जिसे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। सरकार का मानना है कि बदलते आर्थिक माहौल, बढ़ती महंगाई और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की जरूरतों को देखते हुए पहले से अधिक प्रभावी योजना की आवश्यकता थी।
इसी सोच के साथ इस नई व्यवस्था को लागू किया गया है, जिसमें मजदूरी दरों को बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार की अवधि भी बढ़ाई गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को अधिक आय उपलब्ध कराना, गांवों में विकास कार्यों को गति देना और आर्थिक असमानता को कम करना है। नई योजना के तहत मजदूरी तय करते समय महंगाई दर, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और अन्य आर्थिक संकेतकों को ध्यान में रखा गया है। इससे मजदूरों को वास्तविक महंगाई के अनुरूप आय प्राप्त होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर होने वाला पलायन भी कम होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
नई योजना में मजदूरी को लेकर क्या बड़े बदलाव हुए हैं?
VB-GRAMG योजना के लागू होने के साथ ही सबसे बड़ा बदलाव मजदूरी दरों में किया गया है। पहली बार केंद्र सरकार ने पूरे देश के लिए 300 रुपये प्रतिदिन की न्यूनतम आधार मजदूरी तय की है। इससे पहले कई राज्यों में ग्रामीण मजदूरों को 250 रुपये या उससे भी कम दैनिक मजदूरी मिल रही थी। नई अधिसूचना लागू होने के बाद अब किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी।
सरकार के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर औसत दैनिक मजदूरी लगभग 299 रुपये से बढ़कर 327 रुपये से अधिक हो जाएगी। यानी औसतन लगभग 28 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी होगी। यह वृद्धि केवल वेतन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य मजदूरों की वास्तविक आय में सुधार करना भी है। जिन राज्यों में पहले मजदूरी कम थी, वहां अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि की गई है ताकि सभी राज्यों के बीच मजदूरी का अंतर धीरे-धीरे कम किया जा सके। इससे लाखों ग्रामीण परिवारों की मासिक आय में सीधा सुधार देखने को मिल सकता है।
किन राज्यों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा?
नई मजदूरी व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ उन राज्यों को मिलेगा जहां पहले मजदूरी दरें राष्ट्रीय औसत से काफी कम थीं। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य प्रमुख हैं। इन राज्यों में मजदूरी में लगभग 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।
उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पहले मजदूरी लगभग 252 रुपये प्रतिदिन थी, जबकि बिहार और झारखंड में यह करीब 255 रुपये तथा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगभग 261 रुपये प्रतिदिन थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन सभी राज्यों में मजदूरी बढ़ाकर कम से कम 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। इसका सीधा लाभ उन लाखों ग्रामीण परिवारों को मिलेगा जो आजीविका के लिए सरकारी रोजगार योजनाओं पर निर्भर रहते हैं। सरकार का उद्देश्य केवल मजदूरी बढ़ाना नहीं, बल्कि उन राज्यों को प्राथमिकता देना भी है जहां मजदूरों की आय अपेक्षाकृत कम रही है।
VB-GRAMG Yojana 2026 Highlights
| विवरण | जानकारी |
| योजना का नाम | विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी योजना (VB-GRAMG) |
| लागू होने की तिथि | 1 जुलाई 2026 |
| पुरानी योजना | मनरेगा |
| न्यूनतम मजदूरी | ₹300 प्रतिदिन |
| औसत नई मजदूरी | ₹327+ प्रतिदिन |
| रोजगार गारंटी | 125 दिन |
| लाभार्थी | ग्रामीण परिवार |
| लागू क्षेत्र | पूरे भारत में |
125 दिन की रोजगार गारंटी से ग्रामीण परिवारों को क्या फायदा होगा?
VB-GRAMG योजना की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक रोजगार की अवधि को बढ़ाना है। पहले ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 100 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि पात्र परिवारों को पहले की तुलना में 25 दिन अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिनकी आय का प्रमुख स्रोत दैनिक मजदूरी है। ऐसे परिवारों के लिए 25 अतिरिक्त कार्य दिवस केवल रोजगार नहीं बल्कि अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण साधन साबित हो सकते हैं।
यदि कोई श्रमिक पूरे 125 दिन काम करता है और उसे न्यूनतम 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती है, तो उसकी वार्षिक आय पहले की तुलना में काफी बढ़ जाएगी। इससे परिवार की दैनिक जरूरतें पूरी करने, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक खर्चों में सहायता मिलेगी। सरकार का मानना है कि रोजगार की अवधि बढ़ाने से ग्रामीण क्षेत्रों में मौसमी बेरोजगारी कम होगी और लोगों को गांव छोड़कर रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों की ओर कम जाना पड़ेगा। इससे गांवों में श्रम उपलब्ध रहेगा और स्थानीय विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
अधिक मजदूरी वाले राज्यों में क्या बदलाव हुआ?
नई योजना केवल उन राज्यों तक सीमित नहीं है जहां मजदूरी कम थी, बल्कि जिन राज्यों में पहले से अपेक्षाकृत अधिक मजदूरी मिल रही थी, वहां भी संशोधित दरें लागू की गई हैं। उदाहरण के तौर पर हरियाणा में नई दैनिक मजदूरी 409 रुपये, गोवा में 406 रुपये और केरल में 401 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। इसी प्रकार पंजाब और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी मजदूरी दरों में संशोधन किया गया है ताकि महंगाई और वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप श्रमिकों को उचित भुगतान मिल सके। इसका उद्देश्य केवल न्यूनतम मजदूरी तय करना नहीं बल्कि विभिन्न राज्यों में जीवन-यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए संतुलित भुगतान सुनिश्चित करना भी है। सरकार का मानना है कि जिन राज्यों में पहले से मजदूरी अधिक थी, वहां भी महंगाई के कारण मजदूरों की वास्तविक आय प्रभावित हो रही थी। इसलिए नई दरों के माध्यम से उन्हें भी राहत देने का प्रयास किया गया है। इससे देशभर में मजदूरी व्यवस्था अधिक संतुलित और व्यावहारिक बनने की उम्मीद है।
सरकार ने नई मजदूरी दरें किस आधार पर तय की हैं?
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार नई मजदूरी दरें तय करते समय केवल एक समान राशि घोषित नहीं की गई, बल्कि कई आर्थिक मानकों का विस्तृत अध्ययन किया गया। इनमें महंगाई दर (Inflation), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index), ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन-यापन की लागत, श्रमिकों की आय और विभिन्न राज्यों की आर्थिक परिस्थितियों जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मजदूरों की वास्तविक क्रय शक्ति बनी रहे और बढ़ती महंगाई का असर उनकी आय पर कम पड़े। यही कारण है कि जिन राज्यों में पहले मजदूरी काफी कम थी, वहां अधिक प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जबकि पहले से अधिक मजदूरी वाले राज्यों में भी आवश्यक संशोधन किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मजदूरी समय-समय पर आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार संशोधित होती रहे तो ग्रामीण क्षेत्रों में आय का स्तर बेहतर होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। नई व्यवस्था इसी सोच को ध्यान में रखकर लागू की गई है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?
VB-GRAMG योजना का प्रभाव केवल मजदूरों की आय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पूरे ग्रामीण आर्थिक तंत्र पर देखने को मिल सकता है। जब मजदूरों की आय बढ़ेगी तो उनकी खरीदारी क्षमता भी बढ़ेगी। इससे गांवों की छोटी दुकानों, कृषि उपकरण विक्रेताओं, डेयरी व्यवसाय, स्थानीय बाजारों और अन्य छोटे कारोबारों में मांग बढ़ने की संभावना है। अधिक रोजगार और बेहतर मजदूरी मिलने से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर होने वाला खर्च भी बढ़ सकता है। इसके अलावा गांवों में सड़क, जल संरक्षण, सिंचाई, सामुदायिक भवन और अन्य विकास कार्यों को भी अधिक श्रमिक उपलब्ध होंगे। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और शहरों की ओर होने वाला पलायन भी कम हो सकता है। कुल मिलाकर यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पहले और अब की मजदूरी में अंतर
| राज्य | पहले की मजदूरी | नई न्यूनतम मजदूरी |
| उत्तर प्रदेश | ₹252 | ₹300 या अधिक |
| उत्तराखंड | ₹252 | ₹300 या अधिक |
| बिहार | ₹255 | ₹300 या अधिक |
| झारखंड | ₹255 | ₹300 या अधिक |
| मध्य प्रदेश | ₹261 | ₹300 या अधिक |
| छत्तीसगढ़ | ₹261 | ₹300 या अधिक |
| पश्चिम बंगाल | ₹268 | ₹300 या अधिक |
VB-GRAMG योजना के प्रमुख लाभ
नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक रोजगार और बेहतर मजदूरी मिलने की उम्मीद है। न्यूनतम 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी लागू होने से कम आय वाले राज्यों के श्रमिकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। 125 दिन की रोजगार गारंटी से परिवारों की वार्षिक आय में वृद्धि होगी और उन्हें रोजगार के लिए बार-बार दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता कम हो सकती है। इसके अलावा महंगाई को ध्यान में रखते हुए मजदूरी तय करने की व्यवस्था भविष्य में भी श्रमिकों के हितों की रक्षा करने में सहायक हो सकती है। योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलने की संभावना है, जिससे गांवों का बुनियादी ढांचा भी मजबूत होगा।
पात्रता
- ग्रामीण क्षेत्र का पात्र परिवार।
- योजना के तहत निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक होगा।
- रोजगार के लिए संबंधित स्थानीय प्राधिकरण में पंजीकरण आवश्यक हो सकता है।
- विस्तृत पात्रता संबंधी दिशा-निर्देश सरकार द्वारा जारी आधिकारिक नियमों के अनुसार लागू होंगे।
Important Highlights
- पूरे देश में न्यूनतम मजदूरी ₹300 प्रतिदिन।
- औसत मजदूरी बढ़कर ₹327 प्रतिदिन से अधिक।
- रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन।
- कम मजदूरी वाले राज्यों को सबसे अधिक लाभ।
- महंगाई और आर्थिक मानकों के आधार पर नई दरें लागू।
VB-GRAMG Yojana 2026 Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1. VB-GRAMG योजना कब से लागू हुई है?
उत्तर: यह योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू की गई है।
Q2. नई न्यूनतम मजदूरी कितनी तय की गई है?
उत्तर: अब किसी भी राज्य में मजदूरी ₹300 प्रतिदिन से कम नहीं होगी।
Q3. रोजगार की गारंटी कितने दिनों की होगी?
उत्तर: पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी।
Q4. किन राज्यों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा?
उत्तर: उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को अपेक्षाकृत अधिक लाभ मिलने की संभावना है।
Q5. क्या अधिक मजदूरी वाले राज्यों में भी बढ़ोतरी हुई है?
उत्तर: हाँ, हरियाणा, केरल, गोवा, पंजाब और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी संशोधित मजदूरी दरें लागू की गई हैं।
Q6. मजदूरी दरें किस आधार पर तय की गई हैं?
उत्तर: महंगाई, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और अन्य आर्थिक मानकों को ध्यान में रखकर नई मजदूरी दरें निर्धारित की गई हैं।
Q7. योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना।
Q8. योजना की जानकारी कहाँ से प्राप्त की जा सकती है?
उत्तर: योजना से संबंधित नवीनतम जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय और संबंधित सरकारी विभागों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं से प्राप्त की जा सकती है।
मेरा नाम जगदीश कुमार है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर और डिजिटल जर्नलिस्ट हूँ, जिन्हें इस क्षेत्र में 8+ वर्षों का गहरा अनुभव है। MCA की पढ़ाई ने मुझे तकनीक और शिक्षा-दोनों क्षेत्रों में विशेषज्ञता दी है।मैं मुख्य रूप से सरकारी नौकरी, शिक्षा, करियर मार्गदर्शन पर रिसर्च-आधारित, सटीक और विश्वसनीय कंटेंट तैयार करता हूँ। सही जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाना, यही मेरा लक्ष्य है।शुरुआत से ही मेरी रुचि रही है कि हर खबर को गहराई से समझूँ और उसकी सटीक जानकारी लोगों तक पहुँचाऊ चाहे वो सरकारी भर्ती हो, कोई नई योजना हो।






