जयपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां Shivira Calendar 2026-27 को लेकर शिक्षा विभाग और शिक्षकों के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। एक ओर जहां राजस्थान शिक्षा विभाग ने नए सत्र का पंचांग जारी कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षक संगठनों ने इसमें किए गए बदलावों पर नाराजगी जताई है। ...और पढ़ें
जयपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां Shivira Calendar 2026-27 को लेकर शिक्षा विभाग और शिक्षकों के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। एक ओर जहां राजस्थान शिक्षा विभाग ने नए सत्र का पंचांग जारी कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षक संगठनों ने इसमें किए गए बदलावों पर नाराजगी जताई है।
राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) की जयपुर में आयोजित बैठक में कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में विशेष रूप से ग्रामीण अवकाश और संस्था प्रधान द्वारा घोषित छुट्टियों में कटौती को लेकर तीखा विरोध देखने को मिला।
शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन शुरू
बैठक में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि अवकाशों में कमी करना शिक्षकों के अधिकारों का हनन है। इसी के चलते संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है।
आंदोलन की प्रमुख तिथियां:
- 7 अप्रैल 2026: पूरे प्रदेश में शिक्षक काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करेंगे (कार्य सामान्य रहेगा)
- 8 अप्रैल 2026: ब्लॉक स्तर पर SDM के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन
- 20 अप्रैल 2026: जिला स्तर पर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा
- 18 मई 2026: रामगंज मंडी (कोटा) में विशाल शिक्षक रैली
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Shivira Calendar 2026-27 में क्या बदलाव हुए?
राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए नए शिविरा पंचांग में इस बार अवकाशों के पैटर्न में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। इसका सीधा असर विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों पर पड़ेगा।
शीतकालीन अवकाश में बदलाव
इस बार सर्दियों की छुट्टियों की तारीख बदल दी गई है:
- नई तिथि: 31 दिसंबर 2026 से 10 जनवरी 2027
- पहले: 25 दिसंबर से शुरू होती थीं
इस बदलाव के कारण क्रिसमस के आसपास मिलने वाली छुट्टियों में कमी आई है, जिससे कुछ शिक्षक असंतुष्ट हैं।
ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation)
गर्मी की छुट्टियों में भी कटौती की गई है:
- नई तिथि: 17 मई से 20 जून 2026
- स्कूल दोबारा खुलेंगे: 21 जून 2026
पहले की तुलना में इस बार ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि कम कर दी गई है, जिससे पढ़ाई के दिनों में वृद्धि होगी।
मध्यावधि अवकाश (Mid-Term Break)
दीपावली के आसपास मिलने वाला मध्यावधि अवकाश इस प्रकार रहेगा:
- तिथि: 4 नवंबर से 15 नवंबर 2026
इस दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहार मनाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
कुल कार्य दिवस और उत्सव
शिविरा पंचांग 2026-27 के अनुसार:
- कुल कार्य दिवस: 244 दिन
- कुल उत्सव: 32 कार्यक्रम
शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी राजकीय, गैर-राजकीय, आवासीय विद्यालय और प्रशिक्षण संस्थान इसी कैलेंडर के अनुसार संचालित होंगे।
शिक्षा विभाग का तर्क
शिक्षा विभाग का मानना है कि अवकाशों में बदलाव करने का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
- पढ़ाई के दिनों में वृद्धि होगी
- पाठ्यक्रम समय पर पूरा किया जा सकेगा
- छात्रों की तैयारी बेहतर होगी
हालांकि, शिक्षक संगठनों का कहना है कि इससे शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ेगा और उनका संतुलन प्रभावित होगा।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें
शिक्षक संघ ने सरकार के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं:
- अवकाशों में की गई कटौती को वापस लिया जाए
- ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त छुट्टियों की व्यवस्था की जाए
- संस्था प्रधान द्वारा घोषित अवकाशों को मान्यता दी जाए
- शिक्षकों के कार्यभार को संतुलित किया जाए
क्या होगा आगे?
अगर सरकार और शिक्षक संघ के बीच सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज हो सकता है। खासतौर पर 18 मई को प्रस्तावित रैली इस आंदोलन को बड़ा रूप दे सकती है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और क्या शिक्षकों की मांगों पर विचार किया जाता है या नहीं।
निष्कर्ष
Shivira Calendar 2026-27 में किए गए बदलावों ने शिक्षा व्यवस्था में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ सरकार शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षक अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन की राह पर हैं।
छात्रों और अभिभावकों के लिए भी यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे स्कूल का पूरा शेड्यूल प्रभावित होगा।
सलाह: सभी संबंधित लोग शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या अपने स्कूल प्रशासन से नियमित अपडेट लेते रहें, ताकि किसी भी बदलाव की जानकारी समय पर मिल सके।
